पुस्तिका
नशे की सामाजिक स्वीकृति का समाजशास्त्र
नशे की कहानी केवल व्यक्ति से नहीं, समाज से आरम्भ होती है
“क्या कोई व्यक्ति अकेले नशेड़ी बनता है, या उसके पीछे कोई सामाजिक वातावरण भी काम करता है?”
“इसलिए नशे की कहानी का आरम्भ केवल व्यक्ति से नहीं, बल्कि समाज से होता है।”
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विषय-सूची
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- अध्याय 1 : समस्या नशा नहीं, उससे भी बड़ी समस्या उसकी सामाजिक स्वीकृतिपृष्ठ 3
- अध्याय 2 : सामाजिक स्वीकृति का समाजशास्त्रपृष्ठ 4
- अध्याय 3 : नशे की सामाजिक स्वीकृति कैसे बनती है?पृष्ठ 7
- अध्याय 4 : मनुहार, परंपरा और कुरीतिपृष्ठ 11
- अध्याय 5 : युवा नशे की ओर क्यों बढ़ते हैं?पृष्ठ 15
- अध्याय 6 : समाधान की ओरपृष्ठ 18
- अध्याय 7 : लोकसंकल्प का कार्यमॉडलपृष्ठ 23
- अध्याय 8 : शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावकपृष्ठ 28
- अध्याय 9 : महिलाओं, ग्राम पंचायतों, धार्मिक नेताओं और सामाजिक संगठनों की भूमिकापृष्ठ 33
- अध्याय 10 : लोकसंकल्प का भविष्यपृष्ठ 37
- परिशिष्ट 1 : ग्राम लोकसंकल्प सभा आयोजन प्रारूपपृष्ठ 41
- परिशिष्ट 2 : लोकसंकल्प ग्राम समिति गठन प्रारूपपृष्ठ 43
- परिशिष्ट 3 : मासिक समीक्षा बैठक रजिस्टरपृष्ठ 44
- परिशिष्ट 4 : सफलता कहानी (Success Story) प्रारूपपृष्ठ 44
- परिशिष्ट 5 : नशामुक्त सामाजिक आयोजन सत्यापन प्रारूपपृष्ठ 45
- परिशिष्ट 6 : नशा छोड़ने के इच्छुक व्यक्ति सहायता प्रारूपपृष्ठ 45
- परिशिष्ट 7 : लोकसंकल्प वालंटियर पंजीकरणपृष्ठ 46
- परिशिष्ट 8 : शिक्षक दिवस विशेष ग्राम संकल्प सभा शपथपृष्ठ 46
- परिशिष्ट 9 : loksankalp.org पर रिपोर्ट अपलोड करने हेतु चेकलिस्टपृष्ठ 47
- परिशिष्ट 10 : लोकसंकल्प घोषणा पत्रपृष्ठ 47
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