अभिभावकों के लिए पुस्तिका
संगति, किशोरावस्था और अभिभावक
बदलती उम्र, बदलते मित्र और बच्चों का भविष्य
“किशोरावस्था में बच्चे माता-पिता की बात कम और उनके व्यवहार अधिक देखते हैं, लेकिन सबसे अधिक प्रभावित अपने मित्रों से होते हैं।”
“बच्चों को मित्र चुनना नहीं सिखाया, तो दुनिया उनके लिए मित्र चुन देगी।”
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74 पृष्ठ · PDF लगभग 1 MB · छापकर सभा और बैठक में बाँटी जा सकती है।
विषय-सूची
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- प्रस्तावनापृष्ठ 4
- इस पुस्तिका का उद्देश्यपृष्ठ 4
- अध्याय 1 : किशोरावस्था क्या है?पृष्ठ 5
- अध्याय 2 : बदलता शरीर, बदलता मनपृष्ठ 6
- अध्याय 3 : पहचान की खोज और स्वतंत्रता की चाहपृष्ठ 9
- अध्याय 4 : भावनात्मक उतार-चढ़ाव और किशोर मनपृष्ठ 12
- अध्याय 5 : मित्र इतने महत्वपूर्ण क्यों हो जाते हैं?पृष्ठ 16
- अध्याय 6 : संगति का विज्ञानपृष्ठ 20
- अध्याय 7 : Peer Pressure (साथियों का दबाव)पृष्ठ 24
- अध्याय 8 : डिजिटल संगति और सोशल मीडिया का प्रभावपृष्ठ 29
- अध्याय 9 : नशा, संगति और किशोरावस्थापृष्ठ 33
- अध्याय 10 : अभिभावक क्या करें और क्या न करें?पृष्ठ 37
- अध्याय 11 : जब बच्चा बदलता हुआ दिखाई देपृष्ठ 41
- अध्याय 12 : परिवार की शक्ति : संगति से भी बड़ा प्रभावपृष्ठ 46
- अध्याय 13 : डिजिटल युग, सोशल मीडिया और नई संगतिपृष्ठ 50
- अध्याय 14 : किशोरावस्था, जोखिमपूर्ण व्यवहार और नशे से बचावपृष्ठ 55
- अध्याय 16 : आत्मविश्वास, लक्ष्य और जीवन का उद्देश्यपृष्ठ 59
- अध्याय 17 : अभिभावकों के लिए व्यवहारिक मार्गदर्शिकापृष्ठ 64
- परिशिष्ट 1 : परिवार संवाद कार्यपत्रकपृष्ठ 69
- परिशिष्ट 2 : किशोर संवाद अभ्यासपृष्ठ 69
- परिशिष्ट 3 : किशोर जोखिम पहचान चेकलिस्टपृष्ठ 70
- परिशिष्ट 4 : संगति मूल्यांकन कार्यपत्रकपृष्ठ 71
- परिशिष्ट 5 : परिवार डिजिटल समझौतापृष्ठ 71
- परिशिष्ट 6 : किशोर जीवन लक्ष्य कार्यपत्रकपृष्ठ 72
- परिशिष्ट 7 : अभिभावक आत्ममूल्यांकनपृष्ठ 72
- परिशिष्ट 8 : लोकसंकल्प परिवार संकल्प-पत्रपृष्ठ 72
- समापन उद्धरणपृष्ठ 73
पुस्तिका पढ़ें
आगे क्या करें
पुस्तिका पढ़ने के बाद अपना संकल्प लें, या अपने गाँव अथवा वार्ड में सभा की तैयारी करें।